कोर्ट ने खारिज की याचिका, अब भू-माफिया पर शिकंजा कसने की तैयारी
पुरोला में सार्वजनिक आम रास्ते पर अवैध कब्जे के मामले में न्यायालय का फैसला, नगर पालिका ने एसडीएम से मांगी कार्रवाई की अनुमति

सार्वजनिक आम रास्ते पर अवैध कब्जा करने वाले के खिलाफ अब प्रशासनिक कार्रवाई तेज होने जा रही है। नगर पालिका परिषद पुरोला ने उपजिलाधिकारी को पत्र भेजकर न्यायालय के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रशासनिक सहयोग का अनुरोध किया है।
नगर पालिका के अनुसार, 15 मई 2026 को गठित समिति ने सार्वजनिक भूमि पर किए गए अतिक्रमण की जांच कर कार्रवाई शुरू की थी। इस दौरान अतिक्रमणकारी बद्री प्रसाद ने स्वयं कब्जा हटाने के लिए 15 दिन का समय मांगा था, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया। इसके बजाय उन्होंने सिविल न्यायालय में वाद दायर कर राहत की मांग की।
नगर पालिका के पत्र के अनुसार, 9 जुलाई 2026 को माननीय सिविल न्यायालय, पुरोला ने वादी की याचिका खारिज कर दी तथा आपत्तियों का भी निस्तारण कर दिया। इसके बाद सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के मार्ग में कोई कानूनी बाधा शेष नहीं रही।
इसी क्रम में 20 जुलाई 2026 को अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद पुरोला ने उपजिलाधिकारी को पत्र भेजकर न्यायालय के आदेश के अनुपालन में सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया है।
अब स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि न्यायालय का निर्णय आने के बावजूद कार्रवाई में देरी होती है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक होगा कि सार्वजनिक भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई आखिर कब शुरू होगी।



