मोरी पुलिस और साइबर टीम की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठगी के ₹98,900 पीड़ित को वापस
तकनीकी जांच और बैंक से समन्वय के बाद पीड़ित को मिली शत-प्रतिशत धनराशि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना

उत्तरकाशी/मोरी। साइबर अपराध के खिलाफ उत्तरकाशी पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में थाना मोरी पुलिस एवं साइबर टीम ने साइबर ठगी के एक मामले में प्रभावी कार्रवाई करते हुए पीड़ित की ₹98,900 की पूरी धनराशि वापस उसके बैंक खाते में करवाने में सफलता हासिल की है।
जानकारी के अनुसार, जून 2026 में एक व्यक्ति ने थाना मोरी में उसके साथ हुई ₹98,900 की साइबर धोखाधड़ी को लेकर लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर थाना मोरी में धारा 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की जांच के दौरान थाना मोरी एवं साइबर टीम ने तकनीकी माध्यमों से आवश्यक जानकारी जुटाई और संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित किया। पुलिस टीम के प्रयासों और प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप ठगी गई ₹98,900 की शत-प्रतिशत धनराशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस कराई गई।
धनराशि वापस मिलने के बाद पीड़ित ने उत्तरकाशी पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की अपील
उत्तरकाशी पुलिस ने लोगों से साइबर अपराधों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस के अनुसार किसी भी लालच भरे ऑफर, संदिग्ध लिंक, ई-मेल या एसएमएस पर बिना सत्यापन के क्लिक न करें। अपरिचित व्यक्ति के फोन कॉल या संदेश के बहकावे में आने से बचें।
साथ ही OTP, CVV, PIN और पासवर्ड जैसी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR कोड को स्कैन करने से भी बचने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर या वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें। समय पर शिकायत करने से ठगी की धनराशि को वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।



