बड़कोट में आवारा गोवंश से व्यापारी परेशान, व्यापार मंडल ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से की तत्काल कार्रवाई की मांग
बाजार, स्कूल मार्ग और मुख्य सड़कों पर घूम रहे निराश्रित पशुओं से बढ़ रही दुर्घटनाओं और व्यापारिक नुकसान को लेकर सौंपा ज्ञापन

नगर पालिका बड़कोट क्षेत्र में आवारा गोवंश एवं निराश्रित पशुओं की बढ़ती समस्या को लेकर व्यापार मंडल बड़कोट ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, उत्तरकाशी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। व्यापार मंडल के महामंत्री सोहन प्रसाद गैरोला की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि लंबे समय से मुख्य बाजार, बस अड्डा, विद्यालय मार्ग, सब्जी मंडी, यमुना नदी तट सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे व्यापारियों, स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में बताया गया है कि आवारा पशु दुकानों के बाहर रखे सामान, फल और सब्जियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे व्यापारियों को आर्थिक हानि हो रही है। वहीं स्कूल आने-जाने वाले बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। कई बार पशु आपस में लड़ते हुए सड़कों पर दौड़ पड़ते हैं, जिससे राहगीरों और वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।

व्यापार मंडल ने यह भी कहा कि बाजार में पशुओं के बैठने से यातायात बाधित होता है और गोबर व गंदगी के कारण नगर की स्वच्छता प्रभावित हो रही है। चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक बड़कोट पहुंचते हैं, ऐसे में नगर की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

व्यापार मंडल ने प्रशासन से मांग की है कि नगर क्षेत्र में घूम रहे निराश्रित गोवंश का तत्काल सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित गौशालाओं या संरक्षण केंद्रों में भेजा जाए। साथ ही पशु स्वामियों की पहचान कर खुले में पशु छोड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। नगर पालिका, पुलिस और संबंधित विभागों के समन्वय से स्थायी समाधान तैयार करने तथा भविष्य में नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
व्यापार मंडल ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन जनहित को देखते हुए इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान करेगा, जिससे व्यापारियों, विद्यार्थियों, स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को राहत मिल सके।



