10 साल से योजनाओं से वंचित विधवा महिला, न राशन कार्ड मिला न प्रधानमंत्री आवास; एसडीएम पुरोला को सौंपा ज्ञापन
दो छोटे बच्चों का पालन-पोषण दिहाड़ी मजदूरी से कर रही महिला, आय प्रमाण पत्र लंबित होने से अटका राशन कार्ड; सरकारी योजनाओं से वंचित होने का लगाया आरोप।

पुरोला/उत्तरकाशी। विकासखंड पुरोला के ग्राम कंडियाल निवासी एक विधवा महिला ने सोमवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) पुरोला को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। महिला का आरोप है कि वह पिछले लगभग 10 वर्षों से राशन कार्ड बनवाने और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है, लेकिन आज तक उसे किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल पाया।

महिला ने बताया कि उसके परिवार में दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई और पालन-पोषण का खर्च वह खेतों की चौकीदारी और दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह उठा रही है। उसका कहना है कि राशन कार्ड के लिए आवश्यक आय प्रमाण पत्र की ऑनलाइन प्रक्रिया राजस्व उपनिरीक्षक (पटवारी) स्तर पर लंबित है, जिसके कारण राशन कार्ड नहीं बन पा रहा है।

महिला के अनुसार, संबंधित पटवारी से संपर्क करने पर उसे बताया गया कि रिपोर्ट लगाने के लिए 15 दिन का समय निर्धारित है। उसका कहना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बावजूद एक सामान्य सत्यापन में इतनी देरी गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन रही है।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसने कई बार उपजिलाधिकारी पुरोला से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। वहीं, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका।
महिला का कहना है कि खाद्य आपूर्ति विभाग से जानकारी मिली कि पंचायत स्तर से उसका नाम अंत्योदय राशन कार्ड के लिए प्रस्तावित नहीं किया गया है, जबकि वह स्वयं को आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर और पात्र लाभार्थी बताती है।
महिला ने बताया कि उसके दो छोटे बच्चों की शिक्षा पर प्रतिमाह लगभग ₹1,500 का खर्च आता है। ऐसे में राशन कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने से परिवार का जीवन-यापन और भी कठिन हो गया है। उसने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है।
(नोट: समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित महिला के हैं। प्रशासन एवं संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)



