
प्रशांत आर्य ने जनपद में विकास कार्यों के लिए वन भूमि हस्तांतरण के लंबित मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। सोमवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने विभागवार प्रगति की जानकारी लेते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में स्टेज-1 के 155 वन भूमि हस्तांतरण प्रकरण लंबित हैं, जबकि स्टेज-2 में 65 मामले लंबित चल रहे हैं। वहीं 76 प्रकरणों को भारत सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत वन भूमि हस्तांतरण के मामलों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने तथा ईई जल संस्थान उत्तरकाशी एवं जल निगम के अधिकारियों के वर्चुअल बैठक में अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट्स के लिए सीए लैंड पैच चिन्हित करने और लैंड बैंक को तत्काल अपडेट करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी डीपी बलूनी, रवींद्र पुंडीर, अधीक्षण अभियंता लोनिवि विजय कुमार, एडीएम मुक्ता मिश्र, अधिशासी अभियंता रजनीश सैनी, सनी दयाल तथा जिला पर्यटन अधिकारी केके जोशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


