नेटवाड़ में आठवें दिन भी जारी रहा धरना, महिलाओं ने संभाला मोर्चा
मुआवजा, पुल निर्माण और अन्य मांगों को लेकर बैराज स्थल पर ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी

पुरोला। मोरी सतलुज जल विद्युत परियोजना के नेटवाड़ स्थित बैराज निर्माण में अधिग्रहित भूमि के मुआवजे समेत अन्य लंबित मांगों को लेकर प्रभावित ग्रामीणों का आंदोलन मंगलवार को आठवें दिन भी जारी रहा। मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने बैराज स्थल पर धरना देकर परियोजना प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

ग्रामीणों का कहना है कि बैराज निर्माण के लिए अधिग्रहित कृषि भूमि का मुआवजा, टौंस नदी के पार स्थित कृषि भूमि तक पहुंच के लिए पुल निर्माण, खेती की सुरक्षा के लिए सुरक्षात्मक कार्य तथा चरान-चुगान पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने जैसी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। ग्रामीणों के मुताबिक करीब एक माह पूर्व प्रशासन और परियोजना प्रबंधन की ओर से मांगों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना निर्माण के दौरान नेटवाड़ क्षेत्र के किसानों की करीब 27 हेक्टेयर कृषि भूमि अधिग्रहित की गई थी। इसके साथ ही किसानों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना का निर्माण पूरा होने और कंपनी द्वारा हस्तांतरण किए जाने के बावजूद किसानों को भूमि का मुआवजा नहीं मिला और कई अन्य वादे भी पूरे नहीं किए गए।
धरने पर बैठी महिलाओं और ग्रामीणों ने कहा कि उनकी मांगें केवल मुआवजे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेती और ग्रामीणों की रोजमर्रा की आजीविका से भी जुड़ी हैं। टौंस नदी के पार स्थित कृषि भूमि तक पहुंच के लिए पुल का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं खेती की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य और चरान-चुगान से जुड़े प्रतिबंधों को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर परियोजना प्रबंधन के साथ वार्ता के माध्यम से वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान कराने की मांग की।
मंगलवार के धरने में वैजयंती नाथ, काशीनाथ, शिशुनाथ, जलमा देवी, कुषादेवी, देवेंद्र देवी, सोनी देवी, विनोद नाथ, सचिन, विजयपाल समेत कई ग्रामीण शामिल रहे।



