सड़क बनी या मुसीबत? मंजगांव में फिर भूस्खलन, परिवार बेघर होने की नौबत
पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण के बाद दूसरी बार हुआ भूस्खलन, सुरक्षा दीवार भी पहली बारिश में क्षतिग्रस्त होने का आरोप

साथ एक बार फिर भूस्खलन की घटना सामने आई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्मित सड़क के ऊपर से भारी मात्रा में मलबा उनके मकान के पीछे आ गया, जिससे मकान के आसपास का क्षेत्र पूरी तरह मलबे से भर गया और परिवार के सामने दोबारा बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है।
पीड़ित प्यारेलाल बिजल्वाण ने बताया कि वर्ष 2022-23 में सड़क निर्माण के बाद पहली ही मानसूनी बारिश के दौरान इसी स्थान पर भूस्खलन हुआ था, जिससे उनके मकान को आंशिक क्षति पहुंची थी। इसके बाद उन्होंने इस वर्ष जनवरी में मकान का पुनर्निर्माण शुरू किया और वर्तमान में पुताई का कार्य चल रहा था। लेकिन पहली ही बारिश में दोबारा हुए भूस्खलन ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।
परिवार का आरोप है कि घटना के बाद भी प्रशासन और राजस्व विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उनका कहना है कि फिलहाल उनके पास रहने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं है और परिवार गांव में अस्थायी आश्रय की तलाश कर रहा है।
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पुराने भूस्खलन क्षेत्र में मार्च माह के दौरान विधायक निधि से करीब 27 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया था, जो पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। परिवार ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिवार का कहना है कि जब उन्होंने यह भूमि खरीदी थी, तब इस क्षेत्र में भूस्खलन का कोई इतिहास नहीं था। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण के बाद से लगातार भूस्खलन की समस्या उत्पन्न हो रही है।
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर राहत एवं पुनर्वास की व्यवस्था करने, भूस्खलन के कारणों की जांच कराने तथा सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
(नोट: यह समाचार पीड़ित परिवार के आरोपों और दावों पर आधारित है। प्रशासन या संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)



