बारिश से खिले रवाई घाटी के किसानों के चेहरे, मटर और गेहूं की बुवाई का रास्ता हुआ आसान
लाल धान की कटाई के बाद खेतों में लौटी नमी, जुताई और रबी फसलों की बुवाई को मिलेगी गति

पुरोला। रवाई घाटी में हुई ताजा बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। लाल धान की कटाई पूरी होने के बाद अब घाटी के किसान रबी सीजन की प्रमुख फसल मटर और गेहूं की बुवाई की तैयारी में जुट गए हैं। लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण खेतों की नमी पूरी तरह खत्म हो गई थी और जमीन सख्त हो गई थी। इससे खेतों की जुताई करना किसानों के लिए चुनौती बना हुआ था।
किसानों का कहना है कि सूखी और कठोर जमीन में हल चलाना मुश्किल हो रहा था, जिससे समय पर बुवाई को लेकर चिंता बढ़ने लगी थी। हालांकि, ताजा बारिश से खेतों में दोबारा पर्याप्त नमी आ गई है। इससे जुताई और बुवाई का कार्य अब सुगमता से किया जा सकेगा।
किसान नवीन गैरोला, हकूमत सिंह, ओमप्रकाश गैरोला और श्यालिक राम नौटियाल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से खेतों की नमी पूरी तरह समाप्त हो चुकी थी और मिट्टी काफी सख्त हो गई थी। ऐसे में हल चलाना कठिन हो रहा था। उन्होंने कहा कि बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है। अब खेतों की जुताई आसान होगी और मटर व गेहूं की समय पर बुवाई संभव हो सकेगी।
रवाई घाटी में लाल धान की कटाई के बाद मटर और गेहूं रबी सीजन की प्रमुख फसलें हैं। किसानों को उम्मीद है कि मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा तो इस वर्ष रबी फसलों की बुवाई समय पर पूरी होगी और उत्पादन भी बेहतर रहने की संभावना
है।


