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प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्रों की अनदेखी या सर्वे में गड़बड़ी? रवांई घाटी में उठे सवाल, सीडीओ बोले– शिकायत पर होगी कार्रवाई

पुरोला, मोरी और नौगांव विकासखंडों की प्रारंभिक सूची पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, ग्राम सभाओं में आपत्ति दर्ज कराने की अपील।

उत्तरकाशी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उत्तरकाशी जनपद के पुरोला, मोरी और नौगांव विकासखंडों में जारी प्रारंभिक सूची को लेकर कई गांवों में सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूची में ऐसे व्यक्तियों के नाम शामिल हैं जिनके पास पहले से पक्के मकान या अन्य स्थानों पर संपत्ति है, जबकि वर्षों से कच्चे मकानों या झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले कई पात्र परिवारों का नाम सूची में नहीं आया।

 

ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो सर्वे प्रक्रिया और पात्रता निर्धारण में हुई संभावित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। सोशल मीडिया और मोबाइल फोन पर सूची वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा और असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है।

 

हालांकि यह ध्यान देने योग्य है कि यह अभी अंतिम सूची नहीं है। प्रशासन की ओर से ग्राम सभाओं में खुली बैठकें आयोजित कर अंतिम सूची का अनुमोदन कराया जाना है। ऐसे में यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल है या कोई पात्र परिवार छूट गया है, तो ग्रामीण ग्राम सभा में आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

 

इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी उत्तरकाशी जय भारत सिंह ने कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र से इस मामले में लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित सर्वे की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी कर्मचारी द्वारा लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सभी ग्राम सभाओं में खुली बैठकें कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीण स्वयं सूची की समीक्षा कर अपात्र नाम हटवाने और पात्र परिवारों को शामिल कराने की प्रक्रिया में भाग ले सकें।

 

यह मामला ग्रामीणों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य वास्तव में बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि कहीं भी पात्रों की अनदेखी या अपात्रों को लाभ मिलने की शिकायत है, तो उसका समाधान पारदर्शी जांच और ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है।

यदि आपके गांव में भी प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में कोई अनियमितता दिखाई देती है, तो ग्राम सभा में अपनी आपत्ति दर्ज कराएं और संबंधित विकासखंड या जिला प्रशासन को लिखित शिकायत दें। जागरूक नागरिक की भागीदारी ही योजनाओं का लाभ सही पात्र तक पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

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