नौरी ग्राम प्रधान चुनाव पर SDM कोर्ट का बड़ा फैसला, चुनाव याचिका खारिज
साक्ष्यों के अभाव में नहीं टिके आरोप, मंजू चौहान का निर्वाचन बरकरार

पुरोला। ग्राम पंचायत नौरी के ग्राम प्रधान चुनाव को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका पर उपजिलाधिकारी एवं विहित प्राधिकारी, पुरोला की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता चुनाव परिणाम को प्रभावित करने वाले आरोपों को पर्याप्त साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर सिद्ध नहीं कर सके, इसलिए याचिका स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है।
यह मामला ग्राम पंचायत नौरी की निर्वाचित ग्राम प्रधान मंजू चौहान के निर्वाचन से जुड़ा था। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी सुचिता पत्नी मनोज सिंह ने उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम के तहत चुनाव याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि विजयी प्रत्याशी का नाम एक से अधिक मतदाता सूचियों में दर्ज था तथा उनका नामांकन नियमों के विपरीत स्वीकार किया गया। याचिका में चुनाव निरस्त कर पुनः निर्वाचन कराने की मांग भी की गई थी।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें, दस्तावेजी साक्ष्य, गवाहों के बयान तथा राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का परीक्षण किया। न्यायालय ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि विजयी प्रत्याशी ने निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान नगर निकाय की मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए समय रहते आवेदन किया था, जिसके संबंध में अभिलेख भी प्रस्तुत किए गए।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि किसी प्रत्याशी का नाम एक से अधिक मतदाता सूचियों में दर्ज होना मात्र नामांकन निरस्त करने का आधार नहीं है, यदि संबंधित प्रत्याशी ने आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया हो।
आदेश में 6 जुलाई 2025 को जारी राज्य निर्वाचन आयोग के स्पष्टीकरण तथा इस विषय पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय के संबंधित आदेशों का भी उल्लेख किया गया। न्यायालय ने कहा कि आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार केवल एक से अधिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होना नामांकन अस्वीकार करने का स्वतः आधार नहीं बनता।



