सराश गांव में अतिवृष्टि का कहर, एक मकान मलबे में दबा, 1200 तक सेब के पौधे क्षतिग्रस्त
भूस्खलन से तीन अन्य मकानों को भी आंशिक नुकसान, 1.5 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित; राजस्व टीम कर रही क्षति का आंकलन

मोरी। तहसील मोरी के सराश गांव में शुक्रवार देर शाम हुई मूसलाधार बारिश के बाद अतिवृष्टि और भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है। भूस्खलन की चपेट में आने से एक आवासीय लकड़ी का मकान मलबे में दबकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि तीन अन्य मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कृषि भूमि और सेब के बगीचों में मलबा भरने से बड़ी संख्या में सेब के पेड़ दबकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

घटना की सूचना के बाद शनिवार को मोरी तहसील की राजस्व टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का जायजा लेना शुरू किया। प्रारंभिक आंकलन के अनुसार अतिवृष्टि से करीब 1.5 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। वहीं करीब 1000 से 1200 सेब के पौधों के दबने और क्षतिग्रस्त होने का अनुमान है।
मोरी के तहसीलदार सरदार सिंह चौहान ने बताया कि सराश निवासी सूरत सिंह चौहान पुत्र जीत सिंह चौहान का आवासीय लकड़ी का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं शूरवीर सिंह, किशन सिंह और ईश्वर सिंह के मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रभावित सूरत सिंह चौहान को फिलहाल पड़ोसियों के घर पर ठहराया गया है।
तहसीलदार के अनुसार अतिवृष्टि के कारण 4-5 खड्डू (भेड़ों) के दबने की भी सूचना है। इसके अलावा सेब के बगीचों और कृषि भूमि में मलबा भरने से ग्रामीणों को भारी नुकसान हुआ है।
राजस्व टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर नुकसान का विस्तृत आंकलन किया जा रहा है। तहसील प्रशासन के अनुसार क्षति की रिपोर्ट जल्द ही जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। इसके बाद प्रभावित परिवारों को नियमानुसार अहेतुक सहायता



