डायट बड़कोट में जेंडर संवेदनशीलता प्रशिक्षण संपन्न, 26 शिक्षकों एवं बीआरपी ने लिया प्रशिक्षण
विद्यालयों में लैंगिक समानता और समावेशी वातावरण को बढ़ावा देने पर जोर, जेंडर इक्विटी क्लब के प्रभावी संचालन की दी जानकारी

बड़कोट, उत्तरकाशी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बड़कोट में विद्यालयों में जेंडर इक्विटी क्लब के गठन एवं संचालन को लेकर 18 एवं 19 अगस्त 2026 को दो दिवसीय जेंडर संवेदनशीलता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यालयों में लैंगिक समानता, समावेशिता एवं संवेदनशीलता को बढ़ावा देना तथा शिक्षकों को जेंडर इक्विटी क्लब के प्रभावी गठन एवं संचालन के लिए आवश्यक जानकारी और कौशल प्रदान करना रहा।

कार्यक्रम में डायट के प्राचार्य संजीव जोशी ने विद्यालयों में समानता एवं समावेशी वातावरण विकसित करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों में समानता, सम्मान और संवेदनशीलता जैसे मूल्यों को विकसित करने का महत्वपूर्ण केंद्र हैं।

प्रशिक्षण का समन्वयन एवं संचालन गोपाल सिंह राणा एवं बबीता सजवाण द्वारा किया गया। प्रशिक्षण में जनपद उत्तरकाशी के सभी विकासखंडों से कुल 26 शिक्षकों एवं बीआरपी ने प्रतिभाग किया।
दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान कुल 11 सत्र आयोजित किए गए। इनमें लिंग एवं जेंडर की अवधारणा, जेंडर रूढ़िवादिता, जेंडर मानदंड एवं जेंडर भूमिकाएं, समाजीकरण, पितृसत्तात्मकता, जेंडर बायस यानी लैंगिक पक्षपात तथा जेंडर लेंसिंग जैसे विषयों पर प्रतिभागियों को जानकारी दी गई।

इसके साथ ही विद्यालयी परिवेश में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने, लैंगिक भेदभाव को पहचानने तथा उसे दूर करने के व्यावहारिक उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

प्रशिक्षण के दौरान जेंडर इक्विटी क्लब की अवधारणा, आवश्यकता, गठन, गतिविधियों एवं विद्यालय स्तर पर प्रभावी संचालन के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP 2020 के साथ जेंडर इक्विटी क्लब की प्रासंगिकता और इसके उद्देश्यों पर भी चर्चा की गई।
प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों, चर्चा, प्रस्तुतीकरण एवं विभिन्न अभ्यासों के माध्यम से जेंडर संबंधी अवधारणाओं को समझा। इस दौरान विद्यालय स्तर पर जेंडर इक्विटी क्लब के माध्यम से किए जा सकने वाले नवाचारी प्रयासों की रूपरेखा भी तैयार की गई।
कार्यक्रम के समापन पर प्रत्येक प्रतिभागी विद्यालय को एससीईआरटी उत्तराखंड द्वारा विकसित ‘जेंडर शिक्षक मार्गदर्शिका—समतापथ’ उपलब्ध कराई गई। इस मार्गदर्शिका का उपयोग शिक्षक विद्यालयों में जेंडर संवेदनशीलता और लैंगिक समानता से संबंधित गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए कर सकेंगे।
प्रशिक्षण को विद्यालयों में ऐसा वातावरण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी को समान अवसर, सम्मान, सुरक्षा और अपनी क्षमताओं के विकास का समान अधिकार मिल सके।
इस अवसर पर डायट के संकाय सदस्य हेमू बिष्ट, अरविंद चौहान एवं रिचा उनियाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



