उज्ज्वला योजना की लाभार्थी महिलाओं को बड़ा झटका, अब साल में सिर्फ 4 सिलेंडरों पर मिलेगी सब्सिडी
एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने घटाई रियायती रिफिल की संख्या, 10.5 करोड़ परिवारों पर पड़ेगा असर

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत लाभार्थियों को मिलने वाली एलपीजी सब्सिडी में बड़ा बदलाव किया है। अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को साल में केवल 4 रसोई गैस सिलेंडरों पर ही ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलेगी। इससे पहले यह लाभ सालाना 9 सिलेंडरों तक उपलब्ध था।
यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में ₹29 की बढ़ोतरी की गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार देश के लगभग 10.5 करोड़ उज्ज्वला लाभार्थी इस बदलाव से प्रभावित होंगे।
सरकार का कहना है कि लाभार्थियों की औसत गैस खपत को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। मंत्रालय के अनुसार अधिकांश उज्ज्वला उपभोक्ता साल भर में सीमित संख्या में ही गैस रिफिल कराते हैं, इसलिए सब्सिडी की संख्या को तर्कसंगत बनाया गया है।
हालांकि विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए रसोई गैस पहले ही महंगी हो चुकी है। ऐसे में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या घटने से गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत ग्रामीण और गरीब परिवारों की महिलाओं को धुएं से मुक्त रसोई उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए थे। अब सब्सिडी में कटौती के बाद यह बहस तेज हो गई है कि क्या इससे गरीब परिवारों की गैस उपयोग करने की क्षमता प्रभावित होगी।
बड़ा सवाल
क्या सब्सिडी में कटौती के बाद ग्रामीण महिलाएं फिर से लकड़ी और चूल्हे के धुएं पर निर्भर होने को मजबूर होंगी?

