Blog
Trending

23 अक्टूबर से आंगनबाड़ी कर्मियों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार, एसडीएम के माध्यम से भेजा ज्ञापन

मानदेय वृद्धि और सेवानिवृत्ति लाभ समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान, प्रदेशभर में कार्य बहिष्कार करेंगी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं

पुरोला। आंगनबाड़ी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड के आह्वान पर जिले की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 23 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार एवं धरना-प्रदर्शन की सूचना पुरोला उपजिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजी है।

ज्ञापन में कहा गया है कि मानदेय वृद्धि सहित विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से शासन स्तर पर वार्ताएं होती रही हैं। मुख्यमंत्री, कार्मिक सचिव एवं विभागीय अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं में गहरा असंतोष व्याप्त है।

संयुक्त मोर्चा का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां सीमित संसाधनों में पोषण, मातृ-शिशु कल्याण, डिजिटल सत्यापन, सर्वेक्षण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर उन्हें बिना पेंशन, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक सेवानिवृत्ति लाभ के सेवा से अलग कर दिया जाता है, जो उनके साथ अन्याय है।

मोर्चा के अनुसार 23 अक्टूबर से प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्र खुले रहेंगे, लेकिन कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं किसी भी प्रकार का ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन विभागीय और गैर-विभागीय कार्य नहीं करेंगी तथा आंदोलन में शामिल रहेंगी। संगठन ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा।

संगठन ने कहा कि उसकी प्राथमिकता हमेशा संवाद और समाधान रही है, लेकिन लगातार उपेक्षा के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। साथ ही चेतावनी दी कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रशासनिक अथवा अन्य स्थिति की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

ज्ञापन देने में सीमा सोनी, राजो देवी, निर्मला देवी, बीना देवी, सोनी देवी, दशरथी आदि कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button