विश्वकर्मा जयंती पर आईटीआई पुरोला में पूजा-अर्चना, प्रशिक्षणार्थियों ने लिया कौशल विकास का संकल्प
मशीनों और तकनीकी उपकरणों की भी हुई पूजा, तकनीकी दक्षता व गुणवत्तापूर्ण कार्य अपनाने का किया आह्वान

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) पुरोला में गुरुवार को भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों एवं प्रशिक्षकों ने भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजा-अर्चना और हवन किया।

इस अवसर पर संस्थान में उपलब्ध मशीनों, औजारों एवं अन्य तकनीकी उपकरणों की भी धूप-दीप जलाकर पूजा की गई। प्रशिक्षणार्थियों ने भगवान विश्वकर्मा के शिल्प कौशल और सृजनात्मक कार्यों से प्रेरणा लेते हुए तकनीकी दक्षता विकसित करने का संकल्प लिया।

संस्थान के वरिष्ठ अनुदेशक पंकज सिंह नेगी ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को वैदिक काल का महान वास्तुकार एवं आधुनिक युग का प्रथम अभियंता माना जाता है। उन्होंने कहा कि इंद्रपुरी, द्वारिकापुरी, हस्तिनापुर, रावण की स्वर्ण लंका और जगन्नाथ पुरी जैसी रचनाओं को उनकी अनुपम शिल्पकला से जोड़ा जाता है।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से तकनीकी दक्षता, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण कार्य को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन, तकनीकी दक्षता और निर्माण कला के प्रतीक माने जाते हैं तथा तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं के लिए उनके आदर्श प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अनुदेशक पंकज सिंह नेगी, मनराल सिंह, अनुदेशक जयदीप बौरियाण, मनोज कुमार, राजबीर सहित संस्थान के अन्य प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।



