बड़कोट महाविद्यालय में शेक्सपियर जयंती पर साहित्यिक उत्सव, प्रतियोगिताओं में छात्रों ने दिखाया हुनर
पोस्टर और संवाद वाचन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुति, साहित्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर

बड़कोट, 23 अप्रैल 2026।
विश्वप्रसिद्ध नाटककार विलियम शेक्सपियर की जयंती के अवसर पर राजकीय महाविद्यालय बड़कोट के अंग्रेज़ी विभाग द्वारा गुरुवार को महाविद्यालय परिसर में भव्य साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। IQAC के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में ‘शेक्सपियर पोस्टर प्रतियोगिता’ एवं ‘संवाद वाचन प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अंग्रेज़ी विभागाध्यक्ष डॉ. अंजु भट्ट द्वारा शेक्सपियर के साहित्यिक योगदान पर व्याख्यान के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि शेक्सपियर के नाटक आज भी मानवीय भावनाओं, संघर्षों और जीवन के विविध पहलुओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हैं। उनके साहित्य की प्रासंगिकता आज के आधुनिक युग में भी बनी हुई है।
पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ‘मैकबेथ’, ‘हैमलेट’, ‘रोमियो एंड जूलियट’ और ‘द टेम्पेस्ट’ जैसे प्रसिद्ध नाटकों के दृश्य एवं उद्धरणों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं संवाद वाचन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने “To be, or not to be” और “All the world’s a stage” जैसे चर्चित एकालापों का प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में डॉ. पुष्पेंद्र सेमवाल ने साहित्य और समाज के गहरे संबंधों पर प्रकाश डालते हुए लोक साहित्य के महत्व को समझाया। श्री आशीष नौटियाल ने साहित्य को समाज का दर्पण बताते हुए कालिदास के नाटकों की जानकारी दी और छात्रों को साहित्य से जुड़े रहने की प्रेरणा दी। डॉ. रश्मि उनियाल ने जीवन में भावनाओं की भूमिका पर बल दिया, जबकि श्री दया प्रसाद गैरोला ने शेक्सपियर की रचनाओं में निहित जीवन मूल्यों को रेखांकित किया।
प्रतियोगिता के परिणामों में पोस्टर वर्ग में बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर की दिया रावत ने प्रथम, बी.ए. चतुर्थ सेमेस्टर के अखिलेश ने द्वितीय और बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर की राखी रावत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं संवाद वाचन प्रतियोगिता में बी.ए. चतुर्थ सेमेस्टर की नेहा प्रथम, सिमरन द्वितीय और बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर की दीपशिखा तृतीय स्थान पर रहीं।
निर्णायक मंडल में डॉ. पुष्पेंद्र सेमवाल, श्री आशीष नौटियाल एवं श्री दया प्रसाद गैरोला शामिल रहे। कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य ने विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में साहित्य के प्रति रुचि और भाषा कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने तांदी और नाटी जैसे पारंपरिक लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुति देकर वातावरण को उल्लासमय बना दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के पूर्व छात्र अमित कोरंगा, जयदीप एवं संपन्न ने भी अपने अनुभव साझा कर छात्रों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अंजु भट्ट द्वारा किया गया।



