मोरी में ऑफलाइन मनरेगा कार्य शुरू कराने की मांग, प्रधान संगठन अध्यक्ष ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
वीबीजी-राम के तहत सड़क, पैदल मार्ग, नालियां, जल संरक्षण और भूमि सुधार जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने की मांग

मोरी विकासखंड में ग्रामीण विकास कार्यों को गति देने और जरूरतमंद ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग को लेकर प्रधान संगठन मोरी के अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान गुराड़ी कैलाश प्रसाद डिमरी ने मंगलवार को जिलाधिकारी उत्तरकाशी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने वीबीजी-राम (VBG-RAM) कार्ययोजना के अंतर्गत मनरेगा की तर्ज पर ऑफलाइन कार्य व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई।
ज्ञापन में कहा गया है कि विकासखंड मोरी के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पैदल मार्ग, नालियों, जल संरक्षण, भूमि सुधार सहित कई बुनियादी विकास कार्यों की आवश्यकता है। क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन होने के कारण कई गांव आज भी संपर्क मार्ग और मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं।
प्रधान संगठन अध्यक्ष कैलाश प्रसाद डिमरी ने कहा कि वीबीजी-राम योजना के तहत उन कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जो पूर्व में मनरेगा के माध्यम से कराए जाते रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ जरूरी विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप व्यवस्था बनाया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था के कारण कई जरूरतमंद श्रमिकों को रोजगार मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मजदूरों की ऑफलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था लागू की जाए, ताकि ग्रामीणों को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके और गांवों में आवश्यक विकास कार्य भी समय पर शुरू किए जा सकें।
ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी से मांग की गई कि मोरी विकासखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही वीबीजी-राम के अंतर्गत जनहित से जुड़े विकास कार्यों को शीघ्र स्वीकृति देकर धरातल पर शुरू कराया जाए।
प्रधान संगठन ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस मांग पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए मोरी क्षेत्र के ग्रामीणों को रोजगार और विकास कार्यों का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।



