मरघट मार्ग पर फिर गरमाया विवाद, प्रशासनिक आदेश के बावजूद रास्ता नहीं खुलने का ग्रामीणों का आरोप
5 जनवरी के एसडीएम बड़कोट के आदेश में तीन दिन के भीतर निर्माण हटाने के दिए गए थे निर्देश, अब 5 अक्टूबर को तहसील में जुटने की अपील

बड़कोट। बनाल-ठकराल क्षेत्र में ग्रामीणों के मरघट तक पहुंचने वाले मार्ग को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में प्रशासन की ओर से मार्ग से संबंधित कार्रवाई के आदेश दिए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। इसी को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और ग्रामीणों ने 5 अक्टूबर को तहसील प्रांगण बड़कोट में एकजुट होने की अपील की है।

मामले से जुड़े प्रशासनिक दस्तावेज के अनुसार, उप जिलाधिकारी बड़कोट कार्यालय की ओर से 5 जनवरी 2026 को पत्र संख्या 204/पी0ए0-अतिक्रमण पत्रावली/2026 जारी किया गया था। पत्र का विषय “अवैध अतिक्रमण हटाये जाने के सम्बन्ध में” है।
पत्र में तहसीलदार बड़कोट और क्षेत्रीय राजस्व उप निरीक्षक पौंटी की ओर से प्रस्तुत आख्या का हवाला देते हुए मौजा डांडागांव, पट्टी ठकराल, तहसील बड़कोट की फसली वर्ष 1430 से 1435 तक की खतौनी में खाता संख्या 11 के खसरा संख्या 3526, रकबा 1.504 हेक्टेयर भूमि का उल्लेख किया गया है।

प्रशासनिक पत्र में कहा गया है कि उक्त भूमि उत्तराखंड सरकार वर्ग 9(3) की है और पत्र में संबंधित व्यक्ति द्वारा इस भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर निर्माण किए जाने की बात दर्ज की गई है। साथ ही यह भी उल्लेख है कि उक्त स्थान से पट्टी ठकराल और बनाल के ग्रामीण वर्तमान में यमुना नदी में अपने मरघट तक पहुंचने के लिए मार्ग का उपयोग करते हैं और निर्माण को लेकर ग्रामीणों की ओर से रोष व्यक्त किया गया था।
इसी पत्र में संबंधित व्यक्ति को उक्त सरकारी भूमि पर किए जा रहे निर्माण को तीन दिन के अंदर हटाते हुए की गई कार्रवाई से उप जिलाधिकारी कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए गए थे। पत्र की प्रति संबंधित व्यक्ति और राजस्व उप निरीक्षक पौंटी को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई थी।
आदेश के पालन को लेकर ग्रामीणों ने फिर उठाए सवाल
अब ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक आदेश जारी होने के बावजूद मरघट मार्ग की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। ग्रामीणों की ओर से उप जिलाधिकारी बड़कोट को दिए गए पत्र में भी मरघट तक जाने वाले रास्ते को लेकर समस्या का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल रास्ते का मामला नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों के अंतिम संस्कार से जुड़ी मूलभूत आवश्यकता का विषय है। उनका आग्रह है कि प्रशासन मामले का स्थायी समाधान सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को मरघट तक पहुंचने के लिए परेशानी न उठानी पड़े।
5 अक्टूबर को तहसील प्रांगण में जुटने की अपील
इसी क्रम में 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे तहसील प्रांगण बड़कोट में क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और आम जनमानस से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई है।
अपील में कहा गया है कि मरघट मार्ग की समस्या का ऐसा स्थायी समाधान कराया जाए, जिससे दोबारा किसी ग्रामीण को परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही क्षेत्रवासियों से अन्य लोगों को भी कार्यक्रम की जानकारी देने का अनुरोध किया गया है।
नोट: अवैध अतिक्रमण/निर्माण और प्रशासनिक आदेश के पालन से संबंधित तथ्य ऊपर दिए गए प्रशासनिक दस्तावेज और ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर हैं। संबंधित व्यक्ति का पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है; उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जा सकता है।



