आराकोट और टिकोची में चिकित्सकों की अस्थायी तैनाती, स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
सीएचसी मोरी से चार चिकित्सकों की 15-15 दिनों के लिए तैनाती, स्थायी नियुक्ति की मांग भी उठी

पुरोला। मोरी विकासखंड के दूरस्थ क्षेत्रों आराकोट और टिकोची में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अस्थायी व्यवस्था के तहत चिकित्सकों की तैनाती की है। लंबे समय से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे इन क्षेत्रों में इस व्यवस्था से स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

युवा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आराकोट और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिकोची में चिकित्सकों एवं आवश्यक स्टाफ की कमी को लेकर उन्होंने लगातार आवाज उठाई। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी उत्तरकाशी को फोन एवं लिखित माध्यम से अवगत कराने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की थी।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोरी के प्रभारी डॉ. नीतेश रावत ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेशानुसार अस्थायी व्यवस्था के तहत सीएचसी मोरी से डॉ. दीपक कोटियाल, डॉ. विपुल बर्थवाल, डॉ. विनीत रावत और डॉ. देवेश की तैनाती की गई है। चिकित्सकों को 15-15 दिनों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिकोची एवं उप स्वास्थ्य केंद्र आराकोट में तैनात किया गया है, जिससे दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें।


मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि चिकित्सकों की अस्थायी तैनाती क्षेत्र के लोगों के लिए राहत देने वाला कदम है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए आराकोट और टिकोची में नियमित चिकित्सकों एवं आवश्यक स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति जरूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए आगे भी प्रयास जारी रहेंगे।





