धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: 16 प्रस्तावों पर मुहर, युवाओं, कर्मचारियों और किसानों को राहत
देहरादून में हुई कैबिनेट बैठक में सॉफ्ट लोन, भर्ती में राहत, होमगार्ड नियमावली और स्वरोजगार योजनाओं में बड़े फैसले

देहरादून: पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों से जुड़े 16 प्रस्तावों पर मुहर लगाई, जिससे राज्य के कर्मचारियों, युवाओं, किसानों और सुरक्षा तंत्र को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट के फैसलों के तहत लोक निर्माण विभाग में 1 करोड़ रुपये से अधिक की कंसल्टेंसी को मंजूरी दी गई है। वहीं न्याय विभाग के कर्मचारियों को अब नाममात्र ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन मिल सकेगा।
वन विभाग में प्रशासनिक पदों के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 25 वर्ष से घटाकर 22 वर्ष कर दी गई है। ऊर्जा विभाग में सब्सिडी का लाभ 31 मार्च 2025 तक ही जारी रखने का निर्णय लिया गया।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय से संबंधित प्रीमियम प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
गृह विभाग में वर्ष 2025 के लिए नई नियमावली लागू करने की अनुमति दी गई है, साथ ही उत्तराखंड होमगार्ड के लिए नई नियमावली तैयार की गई है। भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञों को रखने की मंजूरी भी दी गई है।
कार्मिक विभाग के तहत सिपाही और उपनिरीक्षक भर्ती में आयु सीमा के कारण वंचित अभ्यर्थियों को दुबारा मौका देने का फैसला लिया गया है। इसमें पुलिस, PAC, अग्निशमन और प्लाटून शामिल हैं।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में एडेड स्कूलों के अध्ययन के लिए उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया गया है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में राज्य के लिए 2.2 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही गेहूं और धान खरीद पर केंद्र सरकार जितना मंडी शुल्क देगी, उतना ही राज्य सरकार भी देगी।
रोजगार के क्षेत्र में उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत लक्ष्य आरक्षित किया गया है, साथ ही 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी देने का भी निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा नियोजन विभाग के तहत सेतु आयोग से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई और पंचम विधानसभा सत्र आह्वान को भी स्वीकृति दी गई।



