“Uttarkashi Mein Bahu Uddeshiya Vidhik Saksharta Jagrukta Shivi |”उत्तरकाशी, 14 दिसम्बर उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा विकास भवन परिसर में बहुउद्देश्यीय विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य आमजन को उनके विधिक अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा न्याय तक सरल एवं सुलभ पहुंच के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला जज गुरुबख्श सिंह मुख्य अतिथि तथा जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के सांस्कृतिक दल जन आस्था कला मंच तथा राइंका मातली की छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
अपने संबोधन में जिला जज गुरुबख्श सिंह ने कहा कि विधिक साक्षरता समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए अत्यंत आवश्यक है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि संविधान नागरिकों को अधिकारों के साथ कर्तव्य और दायित्व भी प्रदान करता है, जिनका जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन प्रत्येक नागरिक को करना चाहिए।
जिला जज ने पारिवारिक विघटन के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आपसी संवाद की कमी और पारिवारिक टकराव समाज के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से परिवार को एकजुट रखने और सामाजिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की अपील की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पारंपरिक परिधान और लोक प्रस्तुतियां हमारी संस्कृति की पवित्रता व कोमलता को दर्शाती हैं तथा समाज को जोड़ने का कार्य करती हैं।
जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने कहा कि इस प्रकार के शिविर आम नागरिकों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और उनके कानूनी अधिकारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने लोक अदालत को गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए अत्यंत प्रभावी साधन बताते हुए कहा कि आपसी सुलह-समझौते से मामलों का त्वरित निस्तारण होता है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है और समाज में सौहार्द बढ़ता है।





सचिव/सिविल जज (एसडी) सचिन कुमार ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्राधिकरण समाज के वंचित वर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराता है। इसके अंतर्गत लोक अदालतों का आयोजन, कानूनी जागरूकता शिविर, पैरालीगल वॉलंटियर्स की तैनाती, पीड़ित प्रतिकर योजना का क्रियान्वयन तथा न्यायिक प्रक्रिया को सरल और मानव-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां विधिक परामर्श, सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण एवं श्रमिक कानूनों सहित सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि एवं जिलाधिकारी ने स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा लाभार्थियों को चेक, दिव्यांग उपकरण आदि वितरित किए।
मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट लदाड़ी निवासी अंजू, सोनम, हरिकला, रोशनी, सोनम व शिवानी को वितरित की गई। एनआरएलएम के अंतर्गत गौरा देवी स्वयं सहायता समूह (न्याय पंचायत गाजणा) को 15 हजार रुपये, प्रगति स्वयं सहायता समूह (न्याय पंचायत नाकुरी) और देवभूमि धनेश्वर स्वयं सहायता समूह (न्याय पंचायत पीपली) को 10-10 हजार रुपये तथा मां चन्दोमती स्वयं सहायता समूह, कोटियाल गांव को 6 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया।
कृषक पुरस्कार योजना के तहत कमल सिंह, अमीन नेगी, पंकज गैरोला, जगदीश और इलम सिंह कैंतुरा को 10-10 हजार रुपये के चेक दिए गए। दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण हेतु किरण देवी, काल्की देवी, विनिता देवी, हरि प्रसाद, धर्म सिंह, निता देवी और राम सिंह को श्रवण यंत्र तथा सोहन लाल और रघुवीर को व्हीलचेयर प्रदान की गई। इस अवसर पर जिला जज ने विकास भवन परिसर स्थित श्री राम वाटिका में अमरूद का पौध रोपित भी किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन पर्यावरण विशेषज्ञ स्वजल प्रताप मटूड़ा एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर जोशी ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभय सिंह, सिविल जज सीनियर डिवीजन जयश्री राणा, न्यायिक मजिस्ट्रेट करिश्मा डंगवाल, डीएफओ डीपी बलूनी, एसडीएम देवानंद शर्मा, सीएमओ बीएस रावत, परियोजना निदेशक अजय सिंह, मुख्य शिक्षाधिकारी अमित कोटियाल, जिला बार संघ के अध्यक्ष महावीर प्रसाद भट्ट सहित अनेक अधिकारी, अधिवक्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।




