कालिंदी ट्रैक पर 18 ट्रैकर फंसे, खराब मौसम के बीच प्रशासन अलर्ट; मौसम खुलते ही होगा रेस्क्यू
डीएम प्रशांत आर्य ने सभी ट्रैकरों के बेस कैंप में सुरक्षित होने की पुष्टि की, ITBP-NIM-SDRF-NDRF समेत संयुक्त टीम तैयार परमालिंक:

उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्र में लगातार बारिश और बर्फबारी के बीच कालिंदी ट्रैक पर 18 ट्रैकरों के फंसे होने की सूचना के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सभी 18 ट्रैकरों के बेस कैंप में सुरक्षित होने की पुष्टि की है। प्रशासन का कहना है कि ट्रैकरों से संपर्क बना हुआ है और मौसम अनुकूल होते ही रेस्क्यू अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।
पिछले करीब 36 घंटे से जिले के निचले इलाकों में बारिश और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी हो रही है। खराब मौसम के बीच कालिंदी ट्रैक पर ट्रैकरों के फंसे होने की सूचना सामने आई। डीएम के मुताबिक फिलहाल सभी ट्रैकर सुरक्षित हैं और उन्हें मौसम की स्थिति को देखते हुए बेस कैंप में ही रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन के अनुसार वन विभाग ने शनिवार को सैटेलाइट फोन के माध्यम से ट्रैकरों को मौसम संबंधी अलर्ट की जानकारी दी थी। रविवार देर शाम जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्मार्ट कंट्रोल रूम में
अधिकारियों के साथ बैठक कर संभावित रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

ट्रैकरों को सुरक्षित निकालने के लिए आईटीबीपी, निम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग की संयुक्त टीम तैयार की गई है। मौसम अनुकूल रहने पर रेस्क्यू टीम को कालिंदी ट्रैक की ओर रवाना किया जाएगा। वहीं मौसम साफ होने पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से हवाई रेकी कर रेस्क्यू अभियान की दिशा तय की जाएगी।
करीब 5,950 मीटर यानी लगभग 19,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित कालिंदी ट्रैक बेहद कठिन ग्लेशियर मार्ग माना जाता है। यहां अचानक बर्फबारी, तेज हवाएं, कम दृश्यता और ऑक्सीजन की कमी के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सामान्य मौसम में भी इस ट्रैक से नीचे आने में करीब तीन से चार दिन का समय लग सकता है।
ऊंचाई वाले ट्रैक पर ट्रैकिंग पर रोक
लगातार खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने गंगोत्री क्षेत्र समेत ऊंचाई वाले ट्रैकिंग रूटों पर ट्रैकिंग गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा रखी है। ट्रैकिंग एजेंसियों को नए दलों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नहीं भेजने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से मौसम और ट्रैकरों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सभी 18 ट्रैकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मौसम साफ होने के बाद हवाई रेकी और जमीनी रेस्क्यू अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।



