
पुरोला। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर बुरांश संस्था के तत्वावधान में शनिवार को मानसिक स्वास्थ्य एवं मानवाधिकार विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नाटक और परिचर्चा गोष्ठी के माध्यम से मानसिक रोगियों एवं दिव्यांगजनों के अधिकारों, उनके प्रति सामाजिक भेदभाव और समान जीवन जीने के अधिकार पर चर्चा की गई।

संस्था के अनुसार, अब तक क्षेत्र में 1200 मानसिक रोगियों की पहचान कर उनका पंजीकरण किया जा चुका है। वहीं, 150 गंभीर मरीजों को नियमित रूप से दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।


नाटक के जरिए दिया समानता और जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान ‘मानसिक रोग किसी को भी हो सकता है’ विषय पर नाटक प्रस्तुत किया गया। इसके माध्यम से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ ही मानसिक रोगियों और दिव्यांगजनों के साथ भेदभाव न करने का संदेश दिया गया। परिचर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को भी सम्मान, उपचार और समाज में समान अवसर मिलने चाहिए।

बुरांश संस्था के प्रयासों की सराहना
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष बिहारी लाल शाह ने मानसिक रोगियों एवं दिव्यांगजनों के लिए बुरांश संस्था की ओर से किए जा रहे जागरूकता और सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने संस्था के सदस्यों के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
संस्था के कोऑर्डिनेटर प्रकार राज ने कहा कि मानसिक रोग से जूझ रहे लोगों को उपचार के साथ परिवार, दोस्तों और समाज के सहयोग की भी आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग और संवेदनशीलता से मानसिक रोगियों एवं दिव्यांगजनों को बेहतर और सुकून भरा जीवन जीने में मदद मिल सकती है।

ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में नगर सभासद अनुराधा गुसाईं, सम्मी बोरियाण, प्रकाश, पल्लवी, पूनम, सुनीता, अर्चना, मधुबाला, कृष्णा, ममता, अम्बाला और रितिका सहित दिव्यांग संगठन से जयपाल लाल, विनीता, सुबली देवी, कुंका देवी, नरेश नेगी, रमिता, पवनरेखा, सोमकली, आशा और रमीना समेत अन्य लोग मौजूद रहे।



