कोटगांव–सिदरी–सांकरी मार्ग के पुल पर मंडरा रहा खतरा, तीन साल से कार्रवाई का इंतजार
भूस्खलन से पुल के आसपास की जमीन कमजोर, ग्रामीणों ने एक माह में स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू करने की उठाई मांग

मोरी, उत्तरकाशी। कोटगांव–सिदरी–सांकरी मार्ग पर स्थित पुल और इसके आसपास का क्षेत्र पिछले करीब तीन वर्षों से भूस्खलन की चपेट में है। लगातार हो रहे भू-धंसाव और भूस्खलन के कारण पुल की सुरक्षा को लेकर क्षेत्रवासियों में चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने जल्द स्थायी सुरक्षा एवं उपचारात्मक कार्य शुरू कराने की मांग की है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पुल के आसपास लगातार जमीन खिसकने और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि समय रहते सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग से पुल और प्रभावित क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण कराने के साथ ही सुरक्षा कार्य जल्द शुरू करने की मांग उठाई है।
PMGSY ने 28 लाख रुपये का प्राक्कलन भेजा
वहीं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के कनिष्ठ अभियंता प्रदीप रावत ने बताया कि सिदरी–कोटगांव मोटर मार्ग पर पुल के आसपास हो रहे भूस्खलन और पुल की एप्रोच की सुरक्षा के लिए करीब 28 लाख रुपये का प्राक्कलन तैयार किया गया है। इसे शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
कनिष्ठ अभियंता प्रदीप रावत के अनुसार, शासन से स्वीकृति प्राप्त होते ही आवश्यक सुरक्षा एवं उपचारात्मक कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू करा दिए जाएंगे।
पर्यटन और ग्रामीण आवागमन पर भी असर की आशंका
कोटगांव–सिदरी–सांकरी मार्ग ग्रामीणों के साथ-साथ पर्यटकों के आवागमन के लिए भी महत्वपूर्ण है। मार्ग और पुल के आसपास भूस्खलन की स्थिति बनी रहने से ग्रामीण आवागमन, पर्यटन और बागवानी गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका क्षेत्रवासियों ने जताई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सुरक्षा कार्यों को जल्द धरातल पर उतारा जाए, ताकि पुल और सड़क की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके तथा संभावित दुर्घटना को टाला जा सके।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे पुल और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।



