नेता जी का ढोलक-चिमटा मिला, लेकिन बच्चों को नहीं मिला स्कूल! ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
2019 से क्षतिग्रस्त पड़ा कलीच प्राथमिक विद्यालय, ग्रामीणों ने विधायक और शिक्षा विभाग पर लगाया उपेक्षा का आरोप

पुरोला/उत्तरकाशी। एक ओर जनप्रतिनिधि सोशल मीडिया पर विकास के दावे और गांव-गांव में ढोलक-चिमटा बांट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुरोला विधानसभा के मोरी विकासखंड की ग्राम पंचायत कलीच का प्राथमिक विद्यालय पिछले 2019 से क्षतिग्रस्त होने के बावजूद आज तक पुनर्निर्माण का इंतजार कर रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय की बदहाल स्थिति को लेकर कई बार विधायक और शिक्षा विभाग को पत्र भेजे गए, दूरभाष के माध्यम से भी अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उनका आरोप है कि शिकायतों का केवल निस्तारण दिखाकर बंद कर दिया जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर समस्या जस की तस बनी हुई है।
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विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त होने के कारण गांव के दर्जनों छोटे बच्चे करीब डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल के समीप स्थित जूनियर हाईस्कूल में पढ़ने जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष विद्यालय में मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत भी हुई थी। इसके बावजूद बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के लिए अब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के कारण कई परिवार अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए पलायन करने पर मजबूर हो रहे हैं।
ग्रामीण पवन रावत, महेंद्र चौहान, अशोक चौहान, लक्की चौहान, बॉबी बजेटा तथा ग्राम प्रधान बबलू बजेटा सहित अन्य लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “जो नेता गांव-गांव में ढोलक-चिमटा बांटकर विकास का प्रचार कर रहे हैं, उनसे अब क्षेत्र के वास्तविक विकास की उम्मीद खत्म होती जा रही है।”
ग्रामीणों का आरोप है कि हमने सत्ता के विधायक को चुन कर भेजा था लेकिन जब सरकार का विधायक ही अपने गृह ब्लॉक में जल जीवन मिशन, मोबाइल नेटवर्क, शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं वर्षों बाद भी नहीं सुचारु कर पाये तो ये कैसा विकास..? उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से कलीच प्राथमिक विद्यालय के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देते हुए बच्चों के लिए सुरक्षित शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।



