
राजेंद्र सिंह रावत राजकीय महाविद्यालय, बड़कोट में उत्तराखंड शासन की देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एक दिवसीय अभिविन्यास कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को पारंपरिक नौकरी तलाशने की सोच से आगे बढ़ाकर स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में उद्यमिता आत्मनिर्भर बनने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने छात्रों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने कौशल के आधार पर नए उद्यम स्थापित करने और रोजगार सृजन में योगदान देने का आह्वान किया।

इस दौरान भारतीय उद्यमिता संस्थान, अहमदाबाद से आई जनपद समन्वयक श्रीमती सपना नेगी ने उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकसित किए गए उद्यम विचार सफलता की कुंजी बन सकते हैं। उन्होंने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें 1 दिवसीय अभिविन्यास, 3 दिवसीय आवासीय बूट कैंप और 6 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम शामिल हैं। इन चरणों के बाद चयनित 25 विद्यार्थियों को मेगा इवेंट के माध्यम से अपने स्टार्टअप के लिए 1 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं, बल्कि नवाचार, नेतृत्व और जोखिम उठाने की क्षमता भी जरूरी है।
महाविद्यालय की देवभूमि उद्यमिता केंद्र समन्वयक डॉ. अंजू भट्ट ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए उद्यमिता की बढ़ती आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उद्यमिता व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ क्षेत्रीय और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है।
कार्यक्रम में योजना टीम के सदस्यों—डॉ. प्रश्ना मिश्रा, डॉ. पूजा चौहान, श्री आशीष नौटियाल, डॉ. पुष्पेंद्र सेमवाल एवं डॉ. रश्मि उनियाल—का विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा व्यक्त की।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई राह दिखाने वाला रहा।



