उत्तरकाशीउत्तराखंडकविगढ़वालदेहरादूनरवांईसाहित्यकार
Trending

बाल साहित्य के क्षेत्र में महावीर रवांल्टा को राष्ट्रीय सम्मान

रवांई के साहित्यकार महावीर रवांल्टा को राष्ट्रीय बाल साहित्य सम्मान

रवांई क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकार महावीर रवांल्टा को उनकी चर्चित बाल साहित्य कृति ‘गोलू पढ़ेगा’ के लिए ‘बालप्रहरी बाल साहित्य सम्मान-2026’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान आगामी 14 जून 2026 को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डीडीहाट में आयोजित राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह में प्रदान किया जाएगा।

‘बालप्रहरी’ त्रैमासिक पत्रिका के संपादक एवं बाल साहित्य संस्थान अल्मोड़ा के सचिव उदय किरौला द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार देशभर के 10 चयनित बाल साहित्यकारों को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र एवं धनराशि देकर सम्मानित किया जाएगा।

महावीर रवांल्टा की एक दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें ‘ननकू नहीं रहा’, ‘विनय का वादा’, ‘अनोखा जन्मदिन’, ‘जुगनू की पढ़ाई’, ‘चल मेरी ढोलक ठुमक ठुम’, ‘पोखू का घमंड’ और ‘स्वतंत्रता आन्दोलन की कहानी’ जैसी चर्चित कृतियां शामिल हैं। बाल साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें देशभर की विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं द्वारा कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

वे पिछले कई दशकों से साहित्य, लोकभाषा, रंगमंच और लोकसंस्कृति के संरक्षण में सक्रिय हैं। रवांल्टी भाषा में लेखन की शुरुआत का श्रेय भी उन्हें ही दिया जाता है। उनकी रचनाओं पर आधारित नाटकों का मंचन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय सहित विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा किया जा चुका है।

46 से अधिक कृतियों के रचनाकार महावीर रवांल्टा वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पुरोला में मुख्य फार्मेसी अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें पूर्व में उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान-गोविन्द पुरस्कार-2022 सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button