
देहरादून/उत्तरकाशी:::
प्रदेश जिला पंचायत सदस्य संगठन उत्तराखंड ने जिला पंचायत सदस्यों की विभिन्न मांगों के निराकरण को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। संगठन की ओर से जिलाधिकारी उत्तरकाशी के माध्यम से प्रेषित ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों से जुड़ी आठ प्रमुख मांगों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास की ओर अग्रसर है और जिला पंचायत सदस्य भी विकास कार्यों में अहम भूमिका निभा रहे हैं। संगठन ने मांग उठाई कि उत्तराखंड में जिला योजना समिति के चुनाव शीघ्र कराए जाएं तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिला नियोजन समिति से पारित प्रस्तावों को जिला योजना समिति गठन के बाद पुनः अनुमोदित किया जाए।

इसके अलावा पंचायतों में आरक्षण परिवर्तन की अवधि 5 वर्ष के बजाय 10 वर्ष करने, 73वें संविधान संशोधन के तहत पंचायतों को स्थानांतरित 29 विषयों की प्रक्रिया शुरू करने और पंचायत कल्याण कोष की स्थापना की भी मांग रखी गई। संगठन ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के साथ किसी अप्रिय घटना की स्थिति में उनके परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

ज्ञापन में जिला योजना के अंतर्गत कोटेशन के माध्यम से कराए जाने वाले कार्यों की सीमा ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने तथा जिला पंचायत सदस्यों का मानदेय 30 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग भी शामिल है। साथ ही विधायक निधि की तर्ज पर प्रत्येक जिला पंचायत सदस्य हेतु जिला पंचायत निधि का प्रावधान करने की मांग उठाई गई है।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, पंचायती राज सचिव, पंचायती राज निदेशक सहित विभिन्न विभागों को भेजी गई है।



