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पुरोला में आपदा प्रबंधन का दो दिवसीय प्रशिक्षण, 35 लोग बने प्राथमिक उपचार में दक्ष

बुरांस परियोजना पुरोला और संवेदना प्रोजेक्ट मसूरी के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में सीपीआर, प्राथमिक उपचार व सुरक्षित निकासी का दिया गया प्रशिक्षण

आपदा संभावित क्षेत्र होने के कारण जनपद उत्तरकाशी में सामुदायिक स्तर पर तैयारी को मजबूत करने के उद्देश्य से बुरांस परियोजना पुरोला द्वारा संवेदना प्रोजेक्ट मसूरी के सहयोग से पुरोला में दो दिवसीय आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय समुदाय को आपदा की स्थिति में त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए तैयार करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आपदा से पूर्व सतर्कता बरतने, संभावित जोखिमों की पहचान करने और समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के उपाय बताए गए।

इसके अतिरिक्त घायल अथवा बेहोश व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने, सीपीआर (CPR) की सही विधि, श्वास रुकने की स्थिति में आवश्यक कदम उठाने तथा आपदा प्रभावित व्यक्ति को सुरक्षित ढंग से राहत स्थल तक पहुंचाने का व्यवहारिक अभ्यास भी कराया गया।

बुरांस परियोजना के अधिकारी प्रकाश राज ने कहा कि “ईश्वर करे ऐसी परिस्थितियां कभी न आएं, लेकिन यदि आपदा आती है तो तैयार रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।” उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से पुरोला क्षेत्र में 35 ऐसे लोगों को तैयार किया गया है, जो आपदा के समय प्राथमिक उपचार देकर लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

प्रशिक्षण सत्र में संवेदना प्रोजेक्ट से सुशील थपलियाल, विजय रतूड़ी एवं गमेश्वर सिंह ने आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं दिव्यांग संगठन से जयपुर लाल एवं भगवान सिंह ने दिव्यांगजनों की आपदा के समय विशेष आवश्यकताओं और उनकी सुरक्षित निकासी पर विशेष जोर दिया।

समुदाय की ओर से ग्राम प्रधान गबर सिंह, पंकज गौरेला, जयमाला एवं मनीषा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। बुरांस परियोजना की टीम से सुनीता, मधु, ममिता, आशा, रामीना, रितिका, रमिता, रेखा और पल्लवी ने प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं और अभ्यास सत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाते हैं और आपदा के समय समुदाय को स्वयं एक-दूसरे की मदद करने के लिए सक्षम बनाते हैं।

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