
बड़कोट/चक्करगांव। राजकीय महाविद्यालय बड़कोट द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर का तृतीय दिवस चक्करगांव में उत्साह और सार्थक गतिविधियों के साथ संपन्न हुआ। दिन की शुरुआत स्वयंसेवियों ने प्रातःकालीन व्यायाम और योगाभ्यास से की। इसके उपरांत ग्राम में स्वच्छता अभियान चलाकर ग्रामीणों को स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।

शिविर के अंतर्गत आयोजित बौद्धिक सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में रवाईं घाटी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार ध्यान सिंह रावत उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, बैज अलंकरण एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।
सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. बी.एल. थपलियाल ने कहा कि रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्य जीवन को जड़ता से चेतना की ओर ले जाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने स्वयंसेवियों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
मुख्य अतिथि ध्यान सिंह रावत ने रवाईं घाटी की समृद्ध लोकसंस्कृति, लोककला और लोकगीतों की परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृति केवल विरासत नहीं, बल्कि हमारी पहचान है। इसे संजोकर रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
डॉ. श्रीकांत चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि इतिहास साक्षी है—जहां ज्ञान का विकास हुआ, वहीं सभ्यता ने प्रगति की। अतः ज्ञान ही मानव सभ्यता की उन्नति का मूल आधार है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित यमुनोत्री विधानसभा के विधायक संजय डोभाल की धर्मपत्नी निधि डोभाल ने नशा मुक्ति पर विशेष जोर देते हुए कहा कि नशा समाज को भीतर से खोखला कर रहा है और इसे समाप्त करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पूजा ने मुख्य अतिथि, नगर पालिका वार्ड सदस्य सचिन राणा , प्राध्यापकगण, ग्रामसभा के गणमान्य सदस्यों एवं सभी स्वयंसेवियों का आभार व्यक्त किया।
इस प्रकार शिविर का तृतीय दिवस सेवा, ज्ञान, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।



