
मोरी (उत्तरकाशी)।
मोरी बाजार में वर्षों से चली आ रही सार्वजनिक शौचालय की गंभीर समस्या में वन विभाग द्वारा की गयी कार्यवाही को लेकर रवांई जन एकता मंच संयोजक चंद्रमणि रावत ने प्रदेश के वन मंत्री से मुलाकात कर प्रकरण को उनके संज्ञान में रखा।


चंद्रमणि रावत ने बताया कि मोरी बाजार क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय की अनुपलब्धता व वर्तमान में निर्माणाधीन सार्वजनिक शौचालय के निर्माण में वन विभाग की कार्यवाही के कारण स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, महिलाओं एवं दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने वन भूमि से जुड़ी औपचारिकताओं के कारण निर्माण में आ रही बाधाओं की भी जानकारी वन मंत्री को दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन मंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित डीएफओ (वन प्रभाग अधिकारी) को निर्देश दिए कि जनहित को प्राथमिकता में रखते हुए सार्वजनिक शौचालय निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
वन मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जनता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
इस दौरान चंद्रमणि रावत ने कहा कि मोरी बाजार एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटक भी बड़ी संख्या में आते हैं। ऐसे में निर्माणाधीन पर वन विभाग की कार्यवाही दुर्भाग्यपूर्ण है तथा सार्वजनिक शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यदि शौचालय का निर्माण शीघ्र होता है तो यह मोरी बाजार के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी।



