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मनरेगा कोई योजना नहीं, संवैधानिक अधिकार है कांग्रेस ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग |MNREGA koi yojana nahi, balki sanvidhanik adhikar hai — Congress ne Rashtrapati se hastakshep ki maang ki

पुरोला (उत्तरकाशी)।

जिला कांग्रेस कमेटी उत्तरकाशी (यमुनाघाटी) ने मनरेगा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश चौहान के नेतृत्व में राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन भेजकर VB-GRAM-G योजना को तत्काल वापस लेने की मांग की गई है।

कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा कोई वैकल्पिक योजना नहीं बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त कानूनी अधिकार है, जिसे किसी अन्य योजना से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता। ज्ञापन में कहा गया है कि VB-GRAM-G जैसी योजनाएं मनरेगा के कानून, भावना और संरचना को कमजोर कर रही हैं, जिससे ग्रामीण मजदूरों के रोजगार और आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है।

जिला कांग्रेस कमेटी ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करते हुए मांग की है कि

— VB-GRAM-G योजना/प्रावधानों को तत्काल वापस लिया जाए,

— मनरेगा को उसके मूल कानून और स्वरूप में पूर्ण रूप से बहाल किया जाए,

— मजदूरों को काम की कानूनी गारंटी, समय पर मजदूरी भुगतान और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए,

— ग्राम पंचायतों की केंद्रीय और निर्णायक भूमिका को पुनः सुदृढ़ किया जाए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों ग्रामीण श्रमिकों और वंचित वर्गों की जीवनरेखा है और इसके साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यह ज्ञापन जिला अध्यक्ष दिनेश चौहान एवं जिला समन्वयक (मनरेगा बचाओ अभियान) हरि मोहन जुवांठा द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।

दिनेश चौहान, जिला अध्यक्ष, कांग्रेस उत्तरकाशी:

मनरेगा कोई योजना नहीं बल्कि गरीब और ग्रामीण मजदूरों का संवैधानिक अधिकार है। इसे कमजोर करने का हर प्रयास कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी।”

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