धामी सरकार की निष्क्रियता से नाराज़ आपदा पीड़ित, आंदोलन की चेतावनी | Dhami Sarkar ki Niskriyata se Naraz Aapda Peedit, Andolan ki Chetavni
पांच दिन का अल्टीमेटम, 10 जनवरी से आंदोलन की चेतावनी

उत्तरकाशी।
प्रदेश की धामी सरकार द्वारा आपदा पीड़ित परिवारों के प्रति अब तक कोई ठोस कार्यवाही न किए जाने से प्रभावित ग्रामीणों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। जिला प्रशासन की उदासीनता और सरकार की निष्क्रियता से आहत आपदा पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सख्त और ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसील बड़कोट स्यानाचट्टी क्षेत्र के स्थानीय प्रभावित परिवारों ने माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड को पत्र भेजकर अपनी पीड़ा से अवगत कराया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि 28 जून 2025 को आई भीषण आपदा के बाद शासन–प्रशासन द्वारा आज तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई, जिससे प्रभावित परिवारों को भारी मानसिक, सामाजिक और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

आपदा पीड़ितों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के बावजूद न तो पुनर्वास की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं और न ही कृषि भूमि व आजीविका से जुड़े मुद्दों का समाधान किया गया है। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या सरकार आपदा पीड़ितों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है?
पत्र में यह भी स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि पांच दिनों के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो 10 जनवरी 2026 से स्थानांतरित क्षेत्रों में जन आंदोलन और क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों का कहना है कि आपदा के बाद से वे लगातार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं, जमीनी स्तर पर कोई राहत या पुनर्वास कार्य नहीं हो रहा। इससे पीड़ित परिवारों में गहरा रोष है।



