
- 15 February ko Mahashivratri | उत्तराखंड समेत पूरे देश में 15 फरवरी 2026 को भगवान शिव का पावन पर्व महाशिवरात्रि श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर शिवालयों में विशेष पूजा–अर्चना, रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण का आयोजन होगा। भक्तजन व्रत रखकर शिव–शक्ति के मंगल मिलन का स्मरण करेंगे और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करेंगे।
महाशिवरात्रि के दिन मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगेगी। भक्तगण शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद एवं शक्कर से अभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा और आक के पुष्प अर्पित करेंगे तथा “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करेंगे। मंदिर प्रांगण में भजन–कीर्तन और शिव आरती के साथ रात्रि जागरण का आयोजन भी किया जाएगा।
🔱 चार प्रहर की विशेष पूजा
महाशिवरात्रि की पूजा 15 फरवरी की शाम से 16 फरवरी की सुबह तक चार प्रहरों में संपन्न होगी—
- पहला प्रहर — शाम
- दूसरा प्रहर — रात्रि (मध्यरात्रि से पूर्व)
- तीसरा प्रहर — मध्यरात्रि (सबसे शुभ समय)
- चौथा प्रहर — भोर
धार्मिक मान्यता है कि इस पावन रात्रि में सच्चे मन से की गई पूजा–अर्चना से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मन को शांति प्राप्त होती है।
🌙 रात्रि जागरण का महत्व
शास्त्रों के अनुसार महाशिवरात्रि की रात्रि जागरण का विशेष महत्व है। भक्त पूरी रात भगवान शिव का ध्यान, मंत्र जाप और भजन–कीर्तन कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं। यह रात्रि आत्मशुद्धि और सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक मानी जाती है।
📣 अरुण नौटियाल का संदेश
समाजसेवी अरुण नौटियाल ने महाशिवरात्रि के अवसर पर संदेश देते हुए कहा—
“महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मा को शिव तत्व से जोड़ने का पावन अवसर है। इस दिन हम अपने भीतर की नकारात्मकता को त्यागकर शिव के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। हर-हर महादेव!”
इस महापर्व पर श्रद्धालु अपने परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख–समृद्धि एवं उन्नति की कामना करेंगे।



