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उत्तरकाशी में सीजन की पहली बारिश-बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 12 मार्ग बंद, सैकड़ों लोग सुरक्षित निकाले गए |Uttarkashi mein season ki pehli baarish–barfbari se janjeevan ast-vyast, 12 raaste band, saikdon log surakshit nikale gaye

उत्तरकाशी में पहली बारिश-बर्फबारी का कहर, सड़कें बंद, बिजली गुल

शुक्रवार को उत्तरकाशी जनपद में सीजन की पहली बारिश और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में हुई भारी बर्फबारी ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। जहां एक ओर इस बारिश-बर्फबारी से किसानों और बागवानों को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर सड़क, बिजली और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।

बर्फबारी और मलबा आने से जिले में कुल 12 छोटे-बड़े मार्ग बंद हो गए हैं, जबकि आधे से अधिक जिले की विद्युत आपूर्ति पिछले 24 घंटों से ठप बनी हुई है। कई स्थानों पर वाहन और यात्री फंस गए, जिन्हें प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तरकाशी जिले में दो राष्ट्रीय राजमार्ग, दो राज्य मार्ग और पांच ग्रामीण मार्ग सहित कुल सात प्रमुख सड़कें बंद हैं। इसके अतिरिक्त स्थानीय स्तर पर अन्य संपर्क मार्ग भी बाधित हुए हैं।

ऋषिकेश–यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-134 राड़ी टॉप से ओरक्षा बैंड तक तथा ऋषिकेश–गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-34 गंगनानी से आगे बर्फबारी के कारण बंद हो गया है। इसके अलावा उत्तरकाशी–लंबगांव, पुरोला–मोरी और उत्तरकाशी–बड़कोट जैसे महत्वपूर्ण मार्ग भी अलग-अलग स्थानों पर अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे यमुना और भागीरथी घाटी का संपर्क प्रभावित हुआ है।

उत्तरकाशी–लंबगांव मोटर मार्ग के चौरंगी क्षेत्र में बर्फबारी के कारण फंसे यात्रियों को जेसीबी मशीन की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। पहले 14 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि बाद में आठ महिलाओं और बच्चों को मैगी प्वाइंट तक पहुंचाया गया। चौरंगी खाल में पूर्ति विभाग द्वारा सभी फंसे लोगों को भोजन भी उपलब्ध कराया गया।

बनचौरा–दिवारी खोल और पत्थर खोल के बीच फंसे वाहन से तीन लोगों को सुरक्षित निकालकर पत्थर खोल स्थित वन विभाग चौकी पहुंचाया गया। वहीं पुरोला–मोरी मोटर मार्ग पर जरमोला धार के पास बर्फबारी में फंसी करीब 200 लोगों की गाड़ियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। एक टेंपो ट्रैवलर को निकालने का प्रयास अभी जारी है।

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नगुण के पास मलबा आने से मार्ग बाधित हो गया था, जिसे आंशिक रूप से सुचारु कर दिया गया है। लगातार हो रही बर्फबारी के चलते मार्ग खोलने का कार्य सावधानीपूर्वक किया जा रहा है।

बारिश और बर्फबारी का सबसे अधिक असर विद्युत आपूर्ति पर पड़ा है। यमुना घाटी सहित जिले के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों से बिजली पूरी तरह बाधित है। राड़ी टॉप और अन्य ऊँचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के कारण लाइनों में फॉल्ट आ गया है। विद्युत विभाग की टीमें मौसम की चुनौती के बीच फॉल्ट सुधारने में जुटी हुई हैं।

पूरे घटनाक्रम के दौरान जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। जिलाधिकारी के निर्देशन में पुलिस, राजस्व, आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ और अन्य विभागों द्वारा समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव कार्य किया गया। प्रशासन की तत्परता से किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।

प्रशासन ने आम जनता और यात्रियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और यात्रा से पूर्व मौसम व सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।

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